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जातिगत भेदभाव के विरुद्ध दलित समाज एकजुट, सैकड़ों लोगों ने केंडल मार्च निकाल किया रोष प्रदर्शन

फिरोजपुर झिरका में दलित समाज का भव्य रोष प्रदर्शन, न्यायिक व प्रशासनिक भेदभाव के खिलाफ उठी एकजुट आवाज

फिरोजपुर झिरका (डीसी नहलिया) देशभर में न्यायपालिका तथा प्रशासनिक तंत्र में दलित समाज के साथ बढ़ते कथित भेदभाव और अत्याचारों के विरोध में फिरोजपुर झिरका में एक विशाल रोष प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन उस घटना की प्रतिक्रिया स्वरूप किया गया जिसमें हाल ही में एक अदालत के अंदर अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखने वाले न्यायाधीश के ऊपर एक विशेष समुदाय से जुड़े वकील द्वारा खुलेआम जूता फेंककर हमला किया गया था। इसके अलावा हरियाणा के एडीजीपी वाई. पूरण, जो स्वयं दलित समाज से आते हैं, को जातिगत आधार पर मानसिक प्रताड़ना देने तथा न्याय न मिलने के आरोपों को लेकर भी यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।

डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित समाज सेवा समिति, फिरोजपुर झिरका के अध्यक्ष डालचंद सहारिया की अध्यक्षता में निकाले गए इस केंडल मार्च की शुरुआत स्थानीय भीमराव अंबेडकर भवन से की गई। हजारों की संख्या में जुटे दलित समाज के लोग मोमबत्तियाँ लेकर बस स्टैंड स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पहुँचे, जहाँ से आगे शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों और मुख्य गलियों से होते हुए यह जुलूस आगे बढ़ा। मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने सरकार, न्यायिक तंत्र और पुलिस प्रशासन में बैठे उच्च अधिकारियों पर दलित समाज के प्रति हो रहे कथित पक्षपात और अन्याय का विरोध करते हुए नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि न्यायपालिका में दलित समुदाय के न्यायाधीश और प्रशासन में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों को उचित न्याय नहीं मिला तो यह संघर्ष केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहेगा।

देशभर के दलित समाज को एकजुट कर राष्ट्रीय स्तर पर उग्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा। समिति के प्रधान डालचंद सहारिया ने बताया कि जब देश की अदालतों में बैठे न्यायाधीश सुरक्षित नहीं हैं और प्रशासन में उच्च पदों पर नियुक्त दलित अधिकारी जातिगत मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है। हम शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की माँग कर रहे हैं, लेकिन यदि हमारी बात अनसुनी की गई तो हम देशव्यापी आन्दोलन के लिए तैयार हैं। यह केवल हमारा मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक न्याय के संविधानिक अधिकारों की रक्षा का सवाल है।” इस रोष प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सामाजिक व राजनीतिक शख्सियतें भी शामिल हुईं, जिनमें प्रमुख रूप से ओमप्रकाश मैनेजर, राजेश कुमार कोलगाव, विश्राम, फूलचंद, रंजीत पार्षद, मास्टर बुद्धि लाल, ताराचंद उप-प्रधान, रघुवीर सरपंच कोलगांव, देवकी सरपंच पाटन उदयपुर, हरलाल सरपंच, सोनू चौधरी, मास्टर खेमचंद करेड़ा, सतीश कुमार रानियाला, प्रवीण कुमार रोहता सरपंच, जवाहर सिंह खेड़ी, रमेश चंद, डालचंद छापड़िया पूर्व प्रधान, लेखराज सरपंच दोहा, रोशन लाल बाल्मीकि, शिवलाल थानेदार, श्री चंद सरपंच माहोली सहित क्षेत्र के सैकड़ों निवासी मौजूद रहे।


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